ऑनलाइन एजुकेशन के लिए 12 नए चैनल
- राहत की आखिरी किश्त का ऐलान
- हर क्लास के लिए एक चैनल की घोषणा
- सरकारी कंपनियों के निजीकरण पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताये सात महत्वपूर्ण उपाय
1 मनरेगा
2 स्वास्थ्य - शिक्षा सहित ग्रामीण और शहरी
3 व्यवसाय और COVID19
4 Company Act का विकेंद्रीकरण
5 Ease of Doing Business
6 सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम
7 राज्य सरकार और संबंधित संसाधन Aatma Nirbhar Apna Bharat
दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवीं और आखिरी चरण की घोषणाएं रविवार को की . वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है. उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि शहरों से गांवों की ओर जा रहे प्रवासी मजदूरों को रोजगार की कमी न हो इसलिए मनरेगा का बजट 40000 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा पब्लिक सेक्टर के लिए उन्होंने नई नीति की भी घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के सामने राजस्व की कमी की चुनौती है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकारों की सहायता कर रही है, जिससे वे करोना कि लड़ाई लड़ सकें.
उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में राज्यों को 46038 करोड़ रुपए दिए गए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को करोना से लडने के लिए 4113 करोड़ रुपए दिए. 12390 करोड़ राजस्व घाटा ग्रांट समय पर राज्यों को दिए गए. स्टेट डिजास्टर रिलीज फंड के तहत अप्रैल के पहले सप्ताह में 11092 करोड़ रुपए राज्यों को दिए गए.
30 करोड़ लोगों के खाते में पैसे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कैश का किया गया. इसके तहत 8.19 करोड किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये दिए गए हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसके अलावा देश के 20 करोड़ जन-धन खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 500-500 रुपये भेजे गए. उज्ज्वला योजना के तहत 6.81 करोड़ रसोई गैस धारकों को मुफ्त सिलेंडर दिया गया. इसके अलावा 2.20 करोड़ निर्माण मजदूरों को सीधे उनके खाते में पैसा दिया गया.
वित्त मंत्री ने कहा कि मजदूरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए 85 फीसदी खर्चा केंद्र सरकार दे रही है. मजदूरों को ट्रेनों में खाना दिया जा रहा है
वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को 15 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं. टेस्टिंग और लैव किट के लिए 550 करोड़ रुपये दिए गए हैं. कोरोना से जंग में लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की गई है.
ऑनलाइन एजुकेशन के लिए 12 नए चैनल
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन एजुकेशन का इस्तेमाल किया गया है. स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल में पहले 3 थे, उसमें 12 और नए चैनल जोड़े जा रहे हैं. लाइव इंटरएक्टिव चैनल जोड़े जा सकें इसलिए भी काम किया जा रहा है. राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे 4 घंटे का कंटेट दें, जिसे लाइव चैनलों पर दिखाया जा सके.
मनरेगा का बजट 40 हजार करोड़ बढ़ाया गया
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की योजना मनरेगा के बजट में बड़ा इजाफा किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मनरेगा का बजट 40 हजार करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है. पहले मनरेगा का बजट 61 हजार करोड़ रुपये था, अब इसमें 40 हजार करोड़ का इजाफा किया गया है.
हर क्लास के लिए, एक चैनल
सरकार ऑनलाइन लर्निंग पर पूरा ध्यान दे रही है. इस सिलसिले में सरकार पहले क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक के लिए एक एक चैनल लॉन्च करेगी. यानी कि हर क्लास के लिए एक चैनल होगा. बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ्य रखने के लिए मनोदर्पण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. दिव्यांगों के लिए विशेष ई कंटेट लाया जाएगा.
हेल्थ सेक्टर के लिए अब सभी जिलों में संक्रामक रोगों के लिए हॉस्पिटल होंगे, हर प्रखंड में लैब बनाया जाएगा.
एक साल तक दिवालिया प्रक्रिया पर रोक
कंपनी कानून के ज्यादातर प्रावधानों को डीक्रिमिनाइलज किया जाएगा. एक साल तक दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी. यानी कि कर्ज अदा करने से चूक को एक तक साल के लिए इन्सॉल्वेंसी में शामिल नहीं किया जाएगा. छोटे उद्योंगो के दिवालिया होने की सीमा को एक लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया जाएगा.
नई पब्लिक सेक्टर पॉलिसी लाएगी केंद्र
सरकार नई पब्लिक सेक्टर नीति की घोषणा करेगी. इसमें यह तय होगा कि कौन से रणीतिक सेक्टर में कौन सी पब्लिक सेक्टर की कंपनी रहेगी. सरकार की कोशिश होगी कि हर रणनीतिक सेक्टर में कम से कम एक पब्लिक सेक्टर की कंपनी रहे. रणनीतिक सेक्टर में सरकार प्राइवेट कंपनियों को भी प्रवेश देगी. अन्य सेक्टरों में पीएसयू कंपनियों का विलय होगा.
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक ने राज्यों के कर्ज लेने की लिमिट 60 फीसदी तक बढ़ा दी है. राज्यों ने अपनी उधारी सीमा का 14 फीसदी ही कर्ज लिया है.