लॉकडाउन के कारण पेपर उत्पादन
कम हुआ :अशोक बंसल
भू गरिमा टाइम्स ब्यूरो
शामली । कोरोना वायरस(कोविड-19)से प्रभावित मरीजों के उपचार व इनके संक्रमण के प्रसार के रोकथाम आदि हेतु शासन से जनपद के लिए नामित नोडल ऑफिसर प्रेम रंजन सिंह विशेष सचिव सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा अपने स्थलीय निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम इण्डस्ट्रीयल एस्सेट क्षेत्र जनपद शामली में स्थित इण्डस्ट्रीज निकिता पेपर लिमिटेड का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान इण्डस्ट्रीज के स्वामी अशोक बंसल व आयुष बंसल द्वारा बताया गया कि इंडस्ट्री में क्राफ्ट पेपर बनाया जाता है और हमारे द्वारा क्राफ्ट पेपर को विश्व के कई देशों में निर्यात भी किया जाता है।लॉकडाउन से पहले प्रतिदिन लगभग 140 टन क्राफ्ट पेपर प्रति दिन बनाया जाता था। लेकिन लॉकडाउन के चलतेअब प्रत्येक दिन 95 से 100 टन के बीच ही क्राफ्ट पेपर प्रति दिन बन पाता हैं क्योंकि लॉकडाउन से पहले इण्डस्ट्रीज में 130 मजदूर काम करते थे व लॉकडाउन के कारण अब केवल 50 मजदूर ही काम कर रहे हैं। मजदूरों की कमी एवं माल की 60 प्रतिशत मांग कम होने के कारण उत्पादन कम हो गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि मांग कम होने के कारण प्लांट को एक सप्ताह के लिए बंद करना पड़ेगा।इण्डस्ट्रीज में काम करने वाले मजदूरों द्वारा ग्लब्स, मास्क, कैप आदि का प्रयोग किया जा रहा है तथा इण्डस्ट्रीज में सैनेटाइजर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जगह-जगह पर डस्टबिन बने हुए हैं तथा साफ-सफाई की व्यवस्था बहुत अच्छी है। श्री बंसल ने बताया कि प्रतिदिन प्लांट को सैनेटाइज किया जाता है तथा गार्ड्स को सैनेटाइजेशन के लिए सैनेटाइजर दिया गया है, वे लोग आने व जाने वाले मजूदरों को सैनेटाइजेशन का कार्य कराते हैं, इसके लिए हमारे द्वारा कम्पनी में एक कमेटी भी गठित की गयी है, जो इस बात की निगरानी करती है कि प्लांट में सैनेटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है या नहीं। इसके अतिरिक्त हमारे यहाँ प्रतिदिन एक एम०बी०बी०एस० डॉक्टर श्याम लाल बंसल को बुलाया जाता है, सभी स्टाफ व मजदूरों के स्वास्थ्य की जाँच करायी जाती है। यहाँ मजदूरों की कोई समस्या नहीं है, क्योंकि सभी मजदूर लोकल शामली से ही हैं। श्री बंसल ने नोडल ऑफिसर को यह भी अवगत कराया की प्रधानमंत्री द्वारा किए गए 20 लाख करोड़ पैकेज की घोषणा इण्डस्ट्रीज जगत में एक मोरल बूस्टर का कार्य कर रही है। साथ ही अब उत्तर प्रदेश में पहले के मुकाबले इण्डस्ट्रीज को चलाना आसान हो गया है, पहले बहुत समस्या होती थी।अब यदि कोई कार्य कराना होता है,तो लखनऊ से स्वयं फोन आ जाता है कि आपका कार्य हुआ है,या नहीं एवं कहाँ पर कार्य रूका हुआ है यदि कोई भी समस्या होती है तो प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जाता है।नोडल ऑफिसर द्वारा पैसिव क्वारेटिन सैन्टर, आर्किड रेस्टोरेन्ट, कैराना रोड़, का निरीक्षण किया गया जिसमें बताया गया कि दिनांक 15मई को यहाँ से प्रथम बैच को भेजा जा चुका है,व 19मई को द्वितीय बैच आएगा ।इस क्वारेंटिन सैन्टर को 17 अप्रैल से संचालित किया गया था। इस क्वारेंटिन सैन्टर में कुल 23 कमरे हैं,जिनमें डॉक्टरों एवं स्टाफ जो लोग कोविड-19 मरीजों का इलाज करने में ड्यूटी लगायी जाती है, को यहाँ रखा जाता है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर व स्टॉफ की 8-8 घण्टे की 03 शीफ्ट में ड्यूटी लगायी जाती है।