अरविंद संगल ने की मुख्यमंत्री से शिक्षण संस्थानों को खोलने की मांग

 


भू गरिमा टाइम्स ब्यूरो

शामली।  भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं सेंट आरसी स्कूल के चेयरमैन अरविंद संगल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया है कि छात्र छात्राओं के हित में स्कूलों को भी खोलने की अनुमति दी जाए ताकि छात्रों को समय से शिक्षा  प्रदान की जाए। श्री संगल ने कहा है कि यह तो सर्वविदित है कि ‘‘कोरोना’’ महामारी रूपी राक्षस से आज समूचा विश्व डरा और सहमा हुआ है इसकी भयावहता से भी इन्कार नहीं किया जा सकता किन्तु किसी भी परिस्थिति में जीवन सरिता के बहाव में अधिक समय तक ठहराव की स्थिति स्वीकार्य नहीं होती ।  यह भी एक शाश्वत सत्य है कि ठहरा हुआ पानी दूषित और अप्रयोज्य होने में अधिक समय नहीं लेता। वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कतिपय सावधानियां और सुरक्षा उपायों के साथ अन्य औद्योगिक/व्यवसायिक/पेशेवर संस्थानों की भांति शिक्षण संस्थानों को भी बिना छात्रां के एक तिहाई स्टॉफ टीचिंग/नॉन टीचिंग को स्कूल आने की अनुमति प्रदान करने मांग की । 




उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिना नींव के कोई भी इमारत भले ही वह कितनी भी सुन्दर एवं आकर्षक हो परन्तु टिकाऊ नहीं हो सकती एवं विषम परिस्थितियों का एक थपेडा भी उसे तहस-नहस करने के लिए पर्याप्त है। उसी प्रकार बिना शिक्षण के हमारा भावी समाज पंगु बनकर रह जायेगा। स्कूलों में ऑन-लाइन शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। यद्यपि स्कूलों में बिना छात्रों के कुल स्टॉफ का एक तिहाइ स्टॉफ उपस्थित होकर काम करें तो काफी समस्याओं का समाधान हो सकता है । संगल ने बताया है कि शिक्षकों के घर पर संसाधनों की अपेक्षाकृत कमी के चलते अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे है। उपस्थित टेक्निकल स्टॉफ एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षक वर्क एट होम पर कार्यरत शिक्षकों को टेक्निकल/शैक्षणिक/सोफ्टवेयर स्पोर्ट दे सकेंगे जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा सकें।  
यही नहीं ऑनलाइन लाइव क्लास में इंटरनेट स्पीड़ और नेटवर्क जैसी समस्या उत्पन्न हो रही है। जिस कारण बच्चों व शिक्षकों की विड़ियों सफरिंग करते हुए बीच में ही रूक जाती है। अनेक शिक्षकों के पास इन्टरनेट तो है पर वाई-फाई नहीं है, मोबाइल डाटा पर्याप्त कार्य नहीं कर पाता शिक्षक को 10 मिनट की विडियों बनाने में एक से डेढ जीबी डेटा लग जाता है। स्कूलों में पहले से ही फास्ट वाई-फाई उपलब्ध है जिससे यह समस्या हल हो जाती है। जो अध्यापक ट्रेनिंग के अभाव में ऑनलाइन एजुकेशन नहीं करा पा रहे हैं। उन्हें तिहाई स्टॉफ उपस्थिति के अर्न्तगत स्कूल बुलाकर, स्कूल द्वारा ऑनलाइन एजुकेशन की ट्रेनिंग दी जायें, तो उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाना सम्भव हो जायेगा। 
स्कूल प्रबंधक श्री संगल ने कहा कि स्कूल की लाइब्रेरी में सभी विषयों की विशेषज्ञ पुस्तके उपलब्ध रहती है उपस्थित एक तिहाई शिक्षको की मदद से ऑनलाइन शिक्षा दे रहे शिक्षक, पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों की सहायता से ऑनलाइन शिक्षा अधिक अच्छी करा सकेंगे।